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फिल्म पद्मावती पर करणी सेना का विरोध तेज, धमकी भरे अंदाज में कहा- रोक सको तो रोक लो


बेंगलुरु (एएनआई)। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर काफी हंगामा मचा हुआ है। एक तरफ राजनीतिक तो दूसरी तरफ सामाजिक संगठन इसके विरोध में खड़े हो गए हैं। अब राजपूत करणी सेना ने फिल्म पद्मावती पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन किया है। बता दें कि शूटिंग के वक़्त से ही पद्मावती का विरोध शुरू हो गया था।
इस दौरान राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में साफ चेतावनी देते हुए कहा कि "यह जो जौहर की ज्वाला है, बहुत कुछ जलेगा, रोक सको तो रोक लो।" कालवी ने कहा कि फिल्म का प्रदर्शन रोकने के लिए राजपूत समाज किसी भी हद तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि "अहिंसा जरूरी है, लेकिन हिंसा मजबूरी है।" कालवी ने बताया कि फिल्म के विरोध में देशभर में विरोध प्रदर्शन के दौर चल रहे है। इसी सिलसिले में 25 नवबंर को गुडगांव, 26 नवम्बर को पटना और 27 नवम्बर को लखनऊ में रैली आयोजित कर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
शुरुआत राजस्थान के राजपूत करणी सेना से हुई, जिसने जयपुर में चल रही फ़िल्म की शूटिंग के दौरान काफ़ी हंगामा किया था और भंसाली के साथ हाथापाई की थी। उन्होंने ये धमकी तक दे डाला था कि वे इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। पद्मावती का विरोध करने वालों का दावा है कि फ़िल्म में एक ड्रीम सीक्वेंस दिखायी जा रही है, जिसमें पद्मावती बनी दीपिका पादुकोण और अलाउद्दीन खिलजी बने रणवीर सिंह के बीच प्रेम-प्रसंग दिखाया जाएगा। दिलचस्प बात ये है कि भंसाली के इंकार करने के बावजूद विरोध जारी है।
फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली कई बार कह चुके हैं कि वे उनकी विचारधारा और उनके समाज की छवि की किसी भी प्रकार से ठेस पहुंचाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। वे उन पर भरोसा करें और एक बार फिल्म को रिलीज होने दें फिर उन्हें सब पता चल जाएगा। इधर भंसाली के समर्थन में पूरा बॉलीवुड भी उतर आया है। उनका कहना है कि किसी को भी फिल्म को देखे बिना उसका विरोध नहीं करना चाहिए। भंसाली एक उम्दा फिल्ममेकर के रुप में जाने जाते हैं और सभी को उनकी कला और क्रियेटीविटी पर भरोसा करना चाहिए। आपको बता दें कि फिल्म पद्मावती 1 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

Sources:-jagran.com

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